मत्ती 5:13
“तुम पृथ्वी के नमक हो। पर यदि नमक अपना स्वाद खो बैठे तो वह फिर किस से नमकीन किया जाएगा? वह किसी काम का नहीं रह जाता केवल इसके कि बाहर फेंका जाए और मनुष्यों के पैरों तले रौंदा जाए।
पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)
संदर्भ: मत्ती 5
10धन्य हैं वे जो धार्मिकता के कारण सताए जाते हैं, क्योंकि स्वर्ग का राज्य उन्हीं का है।
11धन्य हो तुम, जब लोग मेरे कारण तुम्हारी निन्दा करें, तुम्हें यातना दें और झूठ बोल बोलकर तुम्हारे विरुद्ध सब प्रकार की बातें कहें-
12आनन्दित और मग्न हो, क्योंकि स्वर्ग में तुम्हारा प्रतिफल महान् है। उन्होंने तो उन नबियों को भी जो तुमसे पहले हुए इसी प्रकार सताया था।
13“तुम पृथ्वी के नमक हो। पर यदि नमक अपना स्वाद खो बैठे तो वह फिर किस से नमकीन किया जाएगा? वह किसी काम का नहीं रह जाता केवल इसके कि बाहर फेंका जाए और मनुष्यों के पैरों तले रौंदा जाए।
14तुम जगत की ज्योति हो। पर्वत पर बसा हुआ नगर छिप नहीं सकता।
15लोग दीपक को जलाकर टोकरी के नीचे नहीं परन्तु दीवट पर रखते हैं और वह घर के सब लोगों को प्रकाश देता है।
16तुम्हारा प्रकाश मनुष्यों के सम्मुख इस प्रकार चमके कि वे तुम्हारे भले कामों को देखकर तुम्हारे पिता की, जो स्वर्ग में है, महिमा करे।
संबंधित पद
- कुलुस्सियों 4:6
तुम्हारी बातचीत सदैव अनुग्रहमयी और सलोनी हो कि तुम प्रत्येक व्यक्ति को उचित उत्तर देना जान जाओ।
- लूका 14:34–35
नमक तो अच्छा है, परन्तु यदि नमक का स्वाद बिगड़ जाए तो वह किस वस्तु से स्वादिष्ट किया जाएगा?
- मरकुस 9:49–50
क्योंकि प्रत्येक जन आग से नमकीन किया जाएगा।
- लैव्यवस्था 2:13
अपनी प्रत्येक अन्नबलि को नमकीन भी करना कि अन्नबलि का चढ़ावा तेरे परमेश्वर के साथ बंधी वाचा के नमक से रहित न होने पाए। तू अपने समस्त चढ़ावों को नमक के साथ चढ़ाना।
- इब्रानियों 6:4–6
क्यांकि जो लोग एक बार ज्योति पा चुके हैं और स्वर्गिक वरदान का स्वाद चख चुके हैं तथा पवित्र आत्मा के भागी बनाए गए हैं,
- 2 पतरस 2:20–21
यदि ये हमारे उद्धारकर्त्ता प्रभु यीशु मसीह की पहिचान द्वारा संसार की अशुद्धताओं से बच निकलने के बाद फिर उनमें फंस कर हार गए, तो उनके लिए पिछली दशा पहिले से भी बुरी हो गई है।
Cross-references ranked with OpenBible.info data (CC BY).