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रोमियों 3:23

इसलिए कि सबने पाप किया है और परमेश्वर की महिमा से रहित हैं,

पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)

संदर्भ: रोमियों 3

20क्योंकि उसके सामने कोई प्राणी व्यवस्था के कार्याें से धर्मी नहीं ठहरेगा; क्योंकि व्यवस्था के द्वारा पाप का बोध होता है।

21परन्तु अब व्यवस्था से पृथक परमेश्वर की धार्मिकता प्रकट हुई है, जिसकी साक्षी व्यवस्था और नबी देते हैं,

22अर्थात् परमेश्वर की वह धार्मिकता जो यीशु मसीह में विश्वास द्वारा सब विश्वास करनेवालों के लिए है; यहां कोई भेद-भाव नहीं;

23इसलिए कि सबने पाप किया है और परमेश्वर की महिमा से रहित हैं,

24वे उसके अनुग्रह ही से उस छुटकारे के द्वारा जो मसीह यीशु में है, सेंत-मेंत धर्मी ठहराए जाते है।

25उसी को परमेश्वर ने उसके लहू में विश्वास के द्वारा प्रायशिचत ठहराकर खुल्लमखुल्ला प्रदर्शित किया। यह उसकी धार्मिकता को प्रदर्शित करने के लिए हुआ, क्योंकि परमेश्वर ने अपनी सहनशीलता में, पहले किए गए पापों को भुला दिया;

26जिससे कि वर्तमान समय में अपनी धार्मिकता प्रदर्शित करके वह स्वयं ही धर्मी ठहरे और उसका भी धर्मी ठहराने वाला हो जो यीशु पर विश्वास करता है।

पूरा अध्याय पढ़ें: रोमियों 3

संबंधित पद

  • सभोपदेशक 7:20

    निःसन्देह पृथ्वी पर ऐसा कोई धर्मी व्यक्ति नहीं है जो निरन्तर भला ही करता रहता है, और कभी पाप नहीं करता।

  • 1 यूहन्ना 1:8–10

    यदि हम कहें कि हम में पाप नहीं, तो अपने आप को धोखा देते हैं, और हम में सत्य नहीं है।

  • रोमियों 3:9

    तो क्या हुआ? क्या हम उनसे अच्छे हैं? कदापि नहीं; क्योंकि हम यहूदियों और यूनानियों दोनों पर दोष लगा चुके हैं कि वे सब के सब पाप के वश में हैं;

  • गलातियों 3:22

    परन्तु पवित्रशास्त्र ने सब को पाप के अधीन ठहरा दिया है जिससे कि वह प्रतिज्ञा, जो विश्वास द्वारा यीशु मसीह में है, विश्वास करने वालों के लिए पूर्ण हो।

  • रोमियों 11:32

    क्योंकि परमेश्वर ने सबको अवज्ञाकारिता में बन्द कर रखा है कि वह सब पर दया करे।

  • रोमियों 3:19

    अब हम जानते हैं कि व्यवस्था जो कुछ कहती है, उन्हीं से कहती है जो व्यवस्था के अधीन हैं, इसलिए कि प्रत्येक मुंह बन्द किया जाए और समस्त संसार परमेश्वर के प्रति उत्तरदायी ठहरे;

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