रोमियों 5:12
अतः जिस प्रकार एक मनुष्य के द्वारा पाप ने जगत में प्रवेश किया तथा पाप के द्वारा मृत्यु ने, उसी प्रकार मृत्यु सब मनुष्यों में फैल गई, क्योंकि सब नें पाप किया-
पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)
संदर्भ: रोमियों 5
9अतः इससे कहीं बढ़कर उसके लहू के द्वारा धर्मी ठहराए जाकर, हम उसके द्वारा परमेश्वर के प्रकोप से क्यों न बचेंगे?
10क्योंकि जब हम शत्रु ही थे, हमारा मेल परमेश्वर के साथ उसके पुत्र की मृत्यु के द्वारा हुआ, तो उससे बढ़कर, अब मेल हो जाने पर हम उसके जीवन के द्वारा उद्धार क्यों न पाएंगे !
11केवल यही नहीं, परन्तु हम परमेश्वर में अपने प्रभु यीशु के द्वारा आनन्दित भी होते हैं, जिसके द्वारा अब हमारा मेल हो गया है।
12अतः जिस प्रकार एक मनुष्य के द्वारा पाप ने जगत में प्रवेश किया तथा पाप के द्वारा मृत्यु ने, उसी प्रकार मृत्यु सब मनुष्यों में फैल गई, क्योंकि सब नें पाप किया-
13क्योंकि व्यवस्था के दिए जाने तक पाप जगत में तो था; परन्तु जहां व्यवस्था नहीं वहां पाप की गणना नहीं होती।
14तथापि मृत्यु ने आदम से लेकर मूसा तक शासन किया, यहां तक कि उन पर भी जिन्होंने आदम के अपराध के समान पाप नहीं किया था; आदम उसका प्रतीक था जो आने वाला था।
15परन्तु वरदान अपराध के समान नहीं है। क्योंकि जब एक मनुष्य के अपराध के कारण अनेक मर गए, तब उससे कहीं अधिक परमेश्वर का अनुग्रह तथा उस एक मनुष्यकृयीशु मसीहकृके अनुग्रह का दान बहुतों को प्रचुरता से मिला।
संबंधित पद
- 1 कुरिन्थियों 15:21–22
क्योंकि जब एक मनुष्य के द्वारा मृत्यु आई तो एक मनुष्य के द्वारा मृतकों का पुनरुत्थान भी आया।
- रोमियों 5:19
जैसे एक मनुष्य के आज्ञा-उल्लंघन से अनेक पापी ठहराए गए, वैसे ही एक मनुष्य की आज्ञाकारिता से अनेक मनुष्य धर्मी ठहराए जाएंगे।
- रोमियों 6:23
क्योंकि पाप की मज़दूरी तो मृत्यु है, परन्तु परमेश्वर का वरदान हमारे प्रभु मसीह यीशु में अनन्त जीवन है।
- रोमियों 3:23
इसलिए कि सबने पाप किया है और परमेश्वर की महिमा से रहित हैं,
- याकूब 1:15
जब अभिलाजा गर्भवती होती है तो पाप को जनती है, और जब पाप हो जाता है तो मृत्यु को उत्पन्न करता है।
- उत्पत्ति 2:17
परन्तु जो भले और बुरे के ज्ञान का वृक्ष है-उसमें से कभी न खाना, क्योंकि जिस दिन तू उसमें से खाएगा उसी दिन तू अवश्य मर जाएगा।”
Cross-references ranked with OpenBible.info data (CC BY).