रोमियों 6:23
क्योंकि पाप की मज़दूरी तो मृत्यु है, परन्तु परमेश्वर का वरदान हमारे प्रभु मसीह यीशु में अनन्त जीवन है।
पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)
संदर्भ: रोमियों 6
20क्योंकि जब तुम पाप के दास थे तो धार्मिकता की ओर से स्वतंत्र थे।
21जिन बातों से अब तुम लज्जित होते हो उनसे तुम्हें उस समय क्या लाभ प्राप्त था? क्योंकि उनका परिणाम तो मृत्यु है।
22परन्तु अब पाप से मुक्त होकर और परमेश्वर के दास बनकर तुम्हें यह फल मिला, जिसका परिणाम पवित्रता और जिसका अंत अनन्त जीवन है।
23क्योंकि पाप की मज़दूरी तो मृत्यु है, परन्तु परमेश्वर का वरदान हमारे प्रभु मसीह यीशु में अनन्त जीवन है।
संबंधित पद
- यूहन्ना 3:36
जो पुत्र पर विश्वास करता है अनन्तजीवन उसका है, परन्तु वह जो पुत्र की नहीं मानता जीवन नहीं देखेगा, परन्तु परमेश्वर का प्रकोप उसपर बना रहता है।”
- रोमियों 5:12
अतः जिस प्रकार एक मनुष्य के द्वारा पाप ने जगत में प्रवेश किया तथा पाप के द्वारा मृत्यु ने, उसी प्रकार मृत्यु सब मनुष्यों में फैल गई, क्योंकि सब नें पाप किया-
- याकूब 1:15
जब अभिलाजा गर्भवती होती है तो पाप को जनती है, और जब पाप हो जाता है तो मृत्यु को उत्पन्न करता है।
- यूहन्ना 6:40
क्योंकि मेरे पिता की इच्छा यह है कि प्रत्येक जो पुत्र को देखता है, और उसपर विश्वास करता है, वह अनन्त जीवन पाए, और मैं स्वयं अन्तिम दिन उसे जिला उठाऊंगा।”
- यहेजकेल 18:20
जो कोई पाप करे वही मरेगा। न तो पुत्र, पिता के और न पिता, पुत्र के अधर्म का दण्ड भोगेगा। धर्मी को अपनी ही धार्मिकता का और दुष्ट को अपनी ही दुष्टता का फल मिलेगा।
- मत्ती 25:46
“ये लोग अनन्त दण्ड भोगेंगे, परन्तु धर्मी अनन्तजीवन में प्रवेश करेंगे।”
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